कांग्रेस ने शनिवार को मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रोक दे और उस पर पुनर्विचार करे, क्योंकि अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए उन टैरिफ को अमान्य घोषित कर दिया है, जिन्हें 1977 के अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम द्वारा समर्थित किया गया था।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा: “प्रधानमंत्री की छवि खराब हो चुकी है। उनका विश्वासघात अब सबके सामने आ गया है। वे अब समझौता नहीं कर सकते। उन्हें फिर से आत्मसमर्पण करना होगा।”
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 2 फरवरी को घोषित व्यापार समझौते को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जल्दबाजी में लागू करने पर सवाल उठाया।
उन्होंने मांग की कि "प्रधानमंत्री मोदी को स्पष्ट शब्दों में कहना चाहिए कि अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मद्देनजर मौजूदा परिस्थितियों में 'अंतरिम समझौते के ढांचे' को लागू नहीं किया जा सकता।"
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने सवाल किया कि सरकार ने टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया? “अस्पष्ट विदेश नीति या एकतरफा आत्मसमर्पण? मोदी सरकार ने भारत से भारी रियायतें हासिल करने वाले इस जाल में फंसने से पहले टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया?” खर्गे ने X पर एक पोस्ट में यह सवाल पूछा।












