मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को विस्तार देने पर चर्चा की। मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-मिस्र व्यापार को 12 अरब डॉलर तक बढ़ाने और मिस्र में भारतीय निवेश बढ़ाने के कदमों पर बात की।
दोनों नेताओं की मुलाकात नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से इतर हुई। बैठक में 2023 में भारत-मिस्र संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाने के बाद बनी गति को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
सिसी ने कहा कि साझेदारी को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और ऑटोमोबाइल उद्योग में भारतीय निवेश बढ़ाने पर जोर दिया।
मिस्र के राष्ट्रपति ने अपने देश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, कुशल श्रमबल, मुक्त व्यापार समझौतों के नेटवर्क और स्वेज नहर आर्थिक क्षेत्र सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश प्रोत्साहनों को भी रेखांकित किया।
मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ओर से द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने में रुचि जताई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार भारतीय कंपनियों को मिस्र में निवेश बढ़ाने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करती है।
दोनों पक्षों ने नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। इसके अलावा संयुक्त परियोजनाओं और तकनीक हस्तांतरण को विस्तार देने पर बात हुई।
बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए। फिलिस्तीन के मुद्दे पर सिसी ने संकटों को शांतिपूर्ण तरीकों और बातचीत के जरिए हल करने, कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देने, अंतरराष्ट्रीय कानून और राज्यों की संप्रभुता का सम्मान करने तथा तनाव और बल प्रयोग को रोकने की जरूरत पर जोर दिया।
अलग से, सिसी ने BRICS सम्मेलन से इतर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं की बातचीत में ईरान युद्ध और फिलिस्तीन प्रमुख मुद्दे रहे।
मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, सिसी और प्रबोवो ने ईरान युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान के लिए


















