ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर कई स्थानों पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच आमना-सामना हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में सीमा पर टकराव की स्थिति पैदा हुई है और यह अभी भी जारी है।
उनके इस बयान से भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है।
इस से यह भी संकेत मिलता है की इस साल जी जिंगपीनग की भारत यात्रा के दौरान भी दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव जारी था
भारत-चीन सीमा पर भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान तैनात हैं। दोनों बल सीमावर्ती इलाकों में नियमित रूप से गश्त करते हैं। अग्रिम क्षेत्रों में लंबी दूरी की गश्त भी भेजी जाती है।
अरुणाचल प्रदेश में कठिन मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लंबी दूरी की गश्त मुख्य रूप से जून से अक्टूबर के बीच की जाती है।
हालांकि, आईटीबीपी महानिदेशक के उपलब्ध बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हालिया टकराव किन स्थानों पर हुआ या उसमें कितने सैनिक शामिल थे।
शत्रुजीत कपूर ने कहा कि ड्रोन तकनीक आधुनिक युद्ध के स्वरूप को बदल रही है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य के युद्धों में ड्रोन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।
उनके अनुसार, ड्रोन जैसी तकनीकें सीमित संसाधनों वाले देशों को भी बड़ी सैन्य शक्तियों का मुकाबला करने की क्षमता प्रदान कर सकती हैं।
उन्होंने आधुनिक सीमा युद्ध की चुनौतियों से निपटने के लिए नई तकनीकों और सुरक्षा व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।





















