केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई में डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बाद सीबीएसई चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को उनके पदों से हटा दिया गया है और दोनों को दूसरे सरकारी विभागों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई सीबीएसई की कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित गड़बड़ियों और ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी ओएसएम प्रणाली की साइबर सुरक्षा कमजोरियों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच हुई है। इस साल करीब 18 लाख छात्रों ने सीबीएसई कक्षा 12 की परीक्षा दी थी।
विवाद पिछले महीने तब तेज़ हुआ जब 19 वर्षीय साइबर सुरक्षा शोधकर्ता निसर्ग अधिकारी ने दावा किया कि नई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की कमजोरियों से अंकों की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें गलत अंक दिए गए या उनके नाम पर किसी अन्य छात्र की उत्तर पुस्तिका अपलोड कर दी गई।
सीबीएसई ने कहा था कि इस वर्ष लागू की गई ऑनलाइन मार्किंग प्रणाली का उद्देश्य परिणामों की “सटीकता और दक्षता” बढ़ाना था। हालांकि, छात्रों की शिकायतों के बाद बोर्ड ने माना कि कुछ उत्तर पुस्तिकाओं के मिलान में गड़बड़ियां सामने आईं। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 20 मामलों में उत्तर पुस्तिका बदलने जैसी गड़बड़ी पाई गई, जबकि स्कैनिंग गुणवत्ता की समस्या के कारण 13,000 से अधिक कॉपियों का मैनुअल मूल्यांकन करना पड़ा।
सरकार ने ओएसएम सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित की है। इस समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान करेंगी और समिति को एक महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है।
राहुल सिंह को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है, जबकि हिमांशु गुप्ता को गृह मंत्रालय के मूल कैडर में भेजा गया है। सरकार ने लोकहांडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरमैन और वरुण भारद्वाज को नया सचिव नियुक्त किया है।
सीबीएसई ने कहा है कि पहचानी गई साइबर सुरक्षा कमजोरियों को नियंत्रित कर लिया गया है और गलत अंकों की शिकायत करने वाले छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन पोर्टल शुरू किया गया है। बोर्ड ने पोर्टल की सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकारी एजेंसियों और तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद लेने की बात भी कही है।















