भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने इस सप्ताह कोलंबो और बैंकॉक में ट्रैक 2 डिप्लोमसी के तहत नई दौर की बातचीत की। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य संकट की स्थिति में संवाद के तंत्र को मजबूत करना और संभावित तनाव को रोकने तथा संभालने के उपायों पर चर्चा करना था।
बैठकों के दौरान दोनों पक्षों ने आतंकवाद और पानी से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। सूत्रों के अनुसार, बातचीत में दोनों ओर से खुलकर चर्चा हुई और यह भी देखा गया कि इन अनौपचारिक वार्ताओं से निकले सुझावों को औपचारिक ट्रैक वन चैनल्स तक कैसे पहुंचाया जा सकता है।
ट्रैक वन में दोनों देशों के मौजूदा सरकारी अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत शामिल होती है, जबकि ट्रैक टू डाइअलॉग में आमतौर पर पूर्व राजनयिक, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, शिक्षाविद, मीडिया प्रतिनिधि और नीति विशेषज्ञ शामिल होते हैं।
भारत और पाकिस्तान के बीच सरकार-स्तर की संरचित बातचीत फिलहाल रुकी हुई है। दोनों देशों के संबंध खासकर मई 2025 के संघर्ष के बाद से तनावपूर्ण बने हुए हैं। चार दिनों तक चले तनाव के दौरान दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसी देशों के बीच गोलीबारी और ड्रोन ऑपरेशंस हुए थे। इसके बाद 10 मई को संघर्षविराम लागू हुआ।
संघर्षविराम के बाद दोनों देशों ने सार्वजनिक रूप से तनाव बढ़ाने से परहेज किया है, लेकिन औपचारिक बातचीत अब भी बंद है।
इसी पृष्ठभूमि में ट्रैक टू स्तर पर कई दौर की बातचीत हुई है। ये बैठकें पश्चिम एशिया की राजधानियों और अन्य तटस्थ स्थानों पर आयोजित की गईं। एक दौर दोहा में भी हुआ था, जिसमें दोनों देशों की प्रमुख हस्तियां शामिल हुई थीं।




















