लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पर आरोप लगाया कि उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई और टेंडर शर्तों में बदलाव कर अनियमितताओं को रास्ता दिया गया।
रविवार को राहुल गांधी ने उन सीबीएसई कक्षा 12 के छात्रों से मुलाकात की, जिन्होंने अपने परीक्षा अंकों को लेकर सवाल उठाए थे। मुलाकात का वीडियो साझा करते हुए उन्होंने इसे अपने “साथी एंटी-नेशनल सोरोस एजेंट्स” के साथ बातचीत बताया।
राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को “फ्रॉड” करार देते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है। उनका आरोप है कि ओएसएम प्रणाली से जुड़े टेंडरों में बदलाव और उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग में कथित गड़बड़ियों ने परीक्षा मूल्यांकन की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
इस बीच कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने अलग सोशल मीडिया पोस्ट में सीबीएसई की कक्षा 12 परीक्षा प्रणाली में बड़े डेटा उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि करीब 20 लाख छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध थीं।
कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि अगर छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं और निजी शैक्षणिक डेटा सुरक्षित नहीं है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है। पार्टी ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय से मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि मूल्यांकन और अंकों में गड़बड़ी हुई है, जिससे उनके करियर और उच्च शिक्षा के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
फिलहाल सीबीएसई और केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत जवाब का इंतज़ार है। विपक्ष का कहना है कि यह मामला केवल तकनीकी खामी का नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, डेटा सुरक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।













