भारी बारिश और भूस्खलन के कारण भारत और बांग्लादेश में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
भारत के दक्षिणी राज्य केरल में एक सुरंग परियोजना स्थल पर हुए भूस्खलन में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं।
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वायनाड में बचाव और राहत अभियान जारी है। प्रशासन लापता लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने में जुटा है।
इसी बीच बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में स्थित रोहिंग्या शिविरों में 4 जुलाई से भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 10 लोगों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी यानी UNHCR ने मंगलवार को रोहिंग्या शरणार्थी प्रतिक्रिया से जुड़े अपडेट में यह जानकारी दी।
UNHCR के अनुसार, इन घटनाओं में 10 लोग घायल भी हुए हैं, जबकि 3,182 लोग अस्थायी रूप से विस्थापित हुए हैं।
बारिश और भूस्खलन से 1,614 आश्रय स्थल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए, जबकि 10 आश्रय पूरी तरह नष्ट हो गए।
मानवीय सहायता संगठनों को अगले 48 घंटों तक उच्च सतर्कता बनाए रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
कॉक्स बाजार के शिविरों में 12 लाख से अधिक रोहिंग्या मुसलमान रह रहे हैं। इनमें से अधिकतर लोग अगस्त 2017 में म्यांमार में सैन्य कार्रवाई से बचकर बांग्लादेश पहुंचे थे।
लगातार बारिश ने इन अस्थायी शिविरों में रहने वाले शरणार्थियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कमजोर ढांचे, पहाड़ी जमीन और घनी आबादी के कारण भूस्खलन और बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।



















