ईरान संकट के बीच 1,000 भारतीय छात्रों की वापसी की तैयारी, संसद समिति में सुरक्षा पर चर्चा

अधिकारियों के अनुसार जो लोग वापस रुकने का विकल्प चुन रहे हैं, उनमें से काफी संख्या में मेडिकल छात्र हैं।

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अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान को लेकर चल रहे संघर्ष के बीच यात्री / Reuters

ईरान में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार ने लगभग 1,000 भारतीय छात्रों की वापसी की योजना बनाई है। जानकारी संसद की विदेश मामलों पर संसदीय स्थायी समिति की बैठक में सामने आई।

बैठक के दौरान ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों, खासकर छात्रों की सुरक्षा एक प्रमुख मुद्दा रही। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने समिति को बताया कि फिलहाल करीब 9,000 भारतीय छात्र ईरान में हैं, जिनमें से लगभग 1,000 ने देश छोड़ने का निर्णय लिया है।

अधिकारियों के अनुसार, जो लोग वापस रुकने का विकल्प चुन रहे हैं, उनमें से काफी संख्या में मेडिकल छात्र हैं।

अधिकारियों ने समिति को यह भी बताया कि पड़ोसी देशों के रास्ते भारतीयों की आवाजाही को सुगम बनाने के प्रयास किए गए हैं।

यह टिप्पणी तब आई जब संसदीय समिति की बैठक के दौरान विपक्षी सदस्यों ने भारत के राजनयिक रुख और ईरान मामले से निपटने के तरीके पर सवाल उठाए।

बैठक में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा हालात के कारण कई जहाज फंसे हुए हैं, जिससे आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

इसके बावजूद सरकार ने आश्वासन दिया कि देश में ईंधन की कमी नहीं है और रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं।

बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत पर भारत की प्रतिक्रिया में देरी क्या किसी नीति परिवर्तन का संकेत है।