अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के विदेश मंत्री मंगलवार को नई दिल्ली में क्वाड्रीलैटरल सिक्युरिटी डाइअलॉग यानी क्वाड की बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ी हुई हैं।
बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग, जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल होंगे।
भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, चारों देश क्वाड के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने और जारी पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों और आपसी चिंता के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।
भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। नई दिल्ली में यह बैठक अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध की पृष्ठभूमि में हो रही है, जिससे ऊर्जा बाजारों और समुद्री व्यापार मार्गों को लेकर चिंता बढ़ी है।
क्वाड की शुरुआत 2007 में अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक रणनीतिक साझेदारी के रूप में हुई थी। भारत सरकार का कहना है कि क्वाड चार देशों को एक ऐसे मंच पर लाता है, जो “वैश्विक भलाई की ताकत” के रूप में काम करने और खुले, स्वतंत्र, समावेशी, समृद्ध और लचीले हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्वाड नेताओं का पिछला शिखर सम्मेलन 2024 में अमेरिका में हुआ था। भारत पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इस बैठक में चारों देश क्वाड को “नवीनीकृत” करने पर जोर देंगे।

















