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भारत-तुर्किए संबंधों में हर क्षेत्र में अपार संभावनाएं: तुर्किए के राजदूत अली मुरात एरसोय
एरसोय ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जिसके प्रति उन्हें गहरा सम्मान है। उन्होंने कहा कि वे अपने कार्यकाल में “निरंतरता, पारदर्शिता और सतत संवाद” के जरिए भरोसा बढ़ाने पर ध्यान देना चाहते हैं।
भारत-तुर्किए संबंधों में हर क्षेत्र में अपार संभावनाएं: तुर्किए के राजदूत अली मुरात एरसोय
भारत में तुर्किए के राजदूत अली मुरात एरसोय X/TC_YeniDelhiBE

भारत में तुर्किए के राजदूत अली मुरात एरसोय ने कहा है कि भारत और तुर्किए के संबंधों में “हर स्तंभ पर जबरदस्त और काफी हद तक अनछुई संभावनाएं” मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अपने कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के रिश्तों में भरोसा, विस्तार और स्थिरता को मजबूत करना है।

इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में एरसोय ने कहा कि तुर्किए ने भारतीय ट्रैवल ट्रेड से सीधे संपर्क बढ़ाया और भारतीय मीडिया के साथ पारदर्शी संवाद पर जोर दिया, ताकि भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत-तुर्किये संबंधों की लोगों से लोगों की बुनियाद कमजोर न हो।

2024 में 3.3 लाख से अधिक भारतीय पर्यटक तुर्किये गए थे। जनवरी से मई 2025 के बीच लगभग 1.15 लाख भारतीयों ने तुर्किये की यात्रा की, लेकिन इसके बाद भू-राजनीतिक तनाव और नागरिक स्तर पर चले यात्रा बहिष्कार के कारण संख्या में तेज गिरावट आई। पूरे 2025 में तुर्किये में भारतीय पर्यटकों की संख्या दो लाख से थोड़ी अधिक रही।

एरसोय ने कहा कि 2025 की अंतिम तिमाही से सुधार दिखना शुरू हुआ है। उनके अनुसार, इस साल जनवरी से अगस्त के बीच भारत से तुर्किये जाने वाले पर्यटकों की संख्या लगभग 1.20 लाख तक पहुंच गई है और वर्ष की दूसरी छमाही के शुरुआती संकेत बताते हैं कि गति बढ़ रही है।

पर्यटन को भविष्य के भू-राजनीतिक झटकों से बचाने पर एरसोय ने कहा कि तुर्किए का लक्ष्य भारत के साथ पर्यटन संबंध को विविध और गहराई से जुड़ा बनाना है, ताकि वह किसी एक राजनीतिक कथा या समाचार चक्र पर निर्भर न रहे।

भारत-तुर्किये संबंधों के प्रमुख स्तंभों पर उन्होंने कहा कि पर्यटन सबसे दिखाई देने वाला क्षेत्र है, लेकिन इसके साथ व्यापार, कुछ रक्षा-संबंधित सहयोग, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी अहम हैं।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ रहा है और निर्माण, वस्त्र तथा अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में तुर्की कंपनियों की रुचि बढ़ रही है। साथ ही तुर्किये में भारतीय निवेश की रुचि भी दिखाई दे रही है।

वीजा शुल्क से जुड़े सवाल पर एरसोय ने माना कि भारतीय यात्रियों के लिए वीजा लागत और प्रक्रिया की आसानी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि यह विषय तुर्की अधिकारियों के साथ बातचीत में उठाया जाता है, हालांकि वीजा शुल्क में बदलाव का निर्णय विदेश मंत्रालय के स्तर पर होगा।

भारतीय पर्यटकों के लिए नए गंतव्यों पर उन्होंने कहा कि बोडरम, इजमिर और अंताल्या के सांस्कृतिक इलाकों के अलावा तुर्किये गाजियांतेप को गैस्ट्रोनॉमी पर्यटन, मारदिन को विरासत और वास्तुकला तथा त्राबज़ोन और ब्लैक सी क्षेत्र को प्रकृति और हाईलैंड पर्यटन के रूप में आगे बढ़ा रहा है।

एरसोय ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जिसके प्रति उन्हें गहरा सम्मान है। उन्होंने कहा कि वे अपने कार्यकाल में “निरंतरता, पारदर्शिता और सतत संवाद” के जरिए भरोसा बढ़ाने पर ध्यान देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य यह है कि भारत-तुर्किये संबंध उनके कार्यकाल के बाद पहले से अधिक मजबूत, व्यापक और भू-राजनीतिक उतार-चढ़ावों के सामने अधिक resilient बनें।

स्रोत:Other
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