पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से फोन पर अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने लेबनान पर इजरायली हमलों पर चिंता व्यक्त की

शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि मैक्रों के साथ बातचीत में दोनों नेताओं ने लेबनान में जारी हमलों और निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी चिंता व्यक्त की।

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FILE PHOTO: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ / Reuters

लेबनान में इजरायल के तेज़ होते हवाई हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इमैनुएल मैक्रों, फ्रेडरिक मर्ज़ और जॉर्जिया मेलोनी ने गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से अलग-अलग फोन वार्ताओं में हमलों को तुरंत रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।

शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि मैक्रों के साथ बातचीत में दोनों नेताओं ने लेबनान में जारी हमलों और निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए हिंसा समाप्त करने की तत्काल जरूरत पर बल दिया।

शरीफ के अनुसार, मैक्रों ने ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष विराम कराने में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की और दोनों पक्षों को बातचीत की मेज तक लाने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने सहयोगियों, विशेषकर फ्रांस के साथ मिलकर इस अवसर को स्थायी शांति में बदलने के लिए काम करता रहेगा।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ भी शरीफ ने संपर्क बनाए रखा। स्टार्मर ने संघर्ष विराम से जुड़े एक संयुक्त बयान को साझा करते हुए पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना की, जिस पर शरीफ ने क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस बीच, लेबनान में इजरायली हवाई हमलों ने भारी तबाही मचाई है। बुधवार को हुए हमलों में कम से कम 254 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1,100 से अधिक लोग घायल हुए। गुरुवार सुबह और हमलों में 17 और लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं के बाद लेबनान ने राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया है।

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ बातचीत में शरीफ ने अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम को बनाए रखने की अहमियत पर जोर दिया, ताकि बातचीत के जरिए ठोस और स्थायी समाधान निकाला जा सके। दोनों नेताओं ने लेबनान की स्थिति पर चिंता जताते हुए जल्द शांति बहाल होने की उम्मीद व्यक्त की।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ भी शरीफ ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि हालात को और बिगड़ने से रोकने और स्थायी शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित प्रयास जरूरी हैं।

वहीं, मालदीव के विदेश मंत्रालय ने भी लेबनान पर हमलों की कड़ी निंदा की है। बयान में कहा गया कि इस तरह की कार्रवाइयां क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रयासों को कमजोर करती हैं और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजरायल को जवाबदेह ठहराने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गई है।