ताइवान में भारतीय मजदूरों की एंट्री के खिलाफ बढ़ विरोध
इस योजना को रोकने के लिए सरकार के सार्वजनिक नीति मंच “JOIN” पर 18,000 से अधिक लोगों ने याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं।
ताइवान में भारतीय मजदूरों की एंट्री के खिलाफ बढ़ विरोध
FILE PHOTO: ताइवान के केएमटी पार्टी की 130वीं स्थापना वर्षगांठ, ताओयुआन में आयोजित हुई। / Reuters

ताइवान सरकार ने इस साल के अंत तक विनिर्माण क्षेत्र में 1,000 भारतीय प्रवासी मजदूरों को शामिल करने की योजना के खिलाफ 18000 लोगों ने एक याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह कदम 2024 में भारत और ताइवान के बीच हुए श्रम सहयोग समझौते के बाद उठाया गया है, लेकिन इस योजना को लेकर देश में राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर विरोध तेज हो गया है।

इस योजना को रोकने के लिए सरकार के सार्वजनिक नीति मंच “JOIN” पर 18,000 से अधिक लोगों ने याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं।

विपक्षी दल कुओमितांग की सांसद वांग होंग-वेई ने सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी पर आरोप लगाया कि वह जन विरोध के बावजूद इस योजना को आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार “विदेशी ताकतों द्वारा अफवाह फैलाने” का आरोप लगाकर राजनीतिक दबाव से बचने की कोशिश कर रही है।

ताइवान की निगरानी संस्था कंट्रोल युआन पहले ही “लापता” प्रवासी श्रमिकों की समस्या पर गंभीर चिंता जता चुकी है।

नेशनल इमिग्रेशन एजेंसी के अनुसार, फरवरी तक करीब 94,000 प्रवासी श्रमिक लापता थे, जिनके बारे में माना जाता है कि वे अवैध रूप से काम कर रहे हैं। इसके पीछे भाषा बाधा और एजेंसियों के कमजोर प्रबंधन को कारण बताया गया है।

विपक्षी नेताओं ने श्रम मंत्रालय की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए योजना को वापस लेने की मांग की है।

ताइवान पीपुल्स पार्टी (TPP) की सांसद चेन गाओ-त्ज़ु ने यह भी पूछा कि भारत के साथ बातचीत में विदेशी देखभाल कर्मियों (केयरगिवर्स) को क्यों शामिल नहीं किया गया।

वहीं, KMT के सांसद चिउ चेन-चुन ने भारतीय श्रमिकों को लाने की प्रक्रिया में देरी पर चिंता जताई।

फरवरी तक ताइवान में 8.6 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक कार्यरत थे, जिनमें अधिकांश इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस और थाईलैंड से आते हैं।

तुलनात्मक रूप से, जापान 15 देशों से, दक्षिण कोरिया 17 देशों से और सिंगापुर 11 देशों से श्रमिक लेता है, जबकि ताइवान का श्रम स्रोत सीमित माना जाता है।

ताइवान के श्रम मंत्रालय ने कहा है कि वह उद्योगों की जरूरत, जन चिंताओं और श्रमिकों के लिए समर्थन उपायों का व्यापक मूल्यांकन करेगा, उसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।

स्रोत:Other
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