सिंधु जल संधि: पाकिस्तान ने कहा भारत संधि की पूर्ण बहाली तत्काल करे, एकतरफा निलंबन अस्वीकार्य।

राष्ट्रपति जरदारी ने भारत द्वारा संधि को स्थगित किए जाने की कड़ी आलोचना करते हुए इसे साझा जल संसाधनों का “रणनीतिक इस्तेमाल” बताया।

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(FILE) पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी / Reuters

पाकिस्तान ने भारत से इंडस वाटर्स ट्रीटी को “तुरंत” बहाल करने की अपील की है। यह बयान आसिफ अली जरदारी ने विश्व जल दिवस के मौके पर दिया।

जरदारी ने भारत द्वारा संधि को स्थगित किए जाने की कड़ी आलोचना करते हुए इसे साझा जल संसाधनों का “रणनीतिक इस्तेमाल” बताया। उन्होंने कहा कि इस कदम से जल डेटा साझा करने की व्यवस्था और आपसी तंत्र प्रभावित हुए हैं, जो दशकों से दोनों देशों के बीच सहयोग का आधार रहे हैं।

पाकिस्तानी नेतृत्व के अनुसार, इस स्थिति से खाद्य और आर्थिक सुरक्षा पर असर पड़ सकता है, खासकर उन लाखों लोगों के लिए जो सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सीमा-पार जल संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक “खतरनाक मिसाल” बन सकते हैं।

फिलहाल भारत की ओर से इन टिप्पणियों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

भारत ने अप्रैल 2025 में इस संधि को स्थगित करने का निर्णय लिया था। स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने जून 2025 में कहा था कि इस संधि में स्वतंत्र "निलंबन" का प्रावधान नहीं है और ऐसे मामलों में अदालत को अधिकार प्राप्त क्षेत्र है।

1960 में बनी इस संधि के तहत छह नदियों का बंटवारा किया गया था। भारत को सतलुज, ब्यास और रावी पर अधिकार मिला, जबकि पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का नियंत्रण दिया गया।