प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने गुरुवार को फोन पर बातचीत की और भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि जर्मनी, यूरोप के साथ भारत के जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और वैश्विक शांति व समृद्धि को बढ़ावा देने में भारत का मूल्यवान साझेदार है।
दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए। उन्होंने वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए निकट सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई।
इस वर्ष भारत और जर्मनी के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान में बनी गति का स्वागत किया।
मोदी और मर्ज ने व्यापार और निवेश, उन्नत प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, शिक्षा और प्रतिभा गतिशीलता जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत-जर्मनी संबंधों को यूरोप में भारत की रणनीतिक साझेदारी के अहम हिस्से के रूप में देखा जाता है। दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और रक्षा सहयोग को आने वाले समय में और विस्तार मिलने की उम्मीद है।

















