राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
यह इमारत पेइंग गेस्ट के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। हादसा दोपहर के आसपास हुआ, जिसके बाद फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि विभिन्न एजेंसियों की टीमें “युद्धस्तर” पर बचाव कार्य कर रही हैं।
दिल्ली पुलिस ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है।
पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी और इसमें एक बेसमेंट तथा पांच ऊपरी मंजिलें थीं।
पुलिस ने बताया कि हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। अब तक छह लोगों को बचाकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने कहा कि खोज और बचाव अभियान जारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमारत ढहने की घटना को “दुखद” बताया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा कि जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदनाएं हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई है।
पीएमओ ने कहा कि अधिकारी मौके पर काम कर रहे हैं और हादसे से प्रभावित लोगों की सहायता कर रहे हैं।






















