दिल्ली पुलिस ने जुलाई 2024 से मई 2026 के बीच करीब 161.27 करोड़ रुपये खर्च कर 34 सिग्नल जैमर खरीदे हैं। हालांकि, इन उपकरणों को कब, कहां और किसके आदेश पर इस्तेमाल किया गया, इसकी जानकारी देने से पुलिस ने इनकार कर दिया है। द वायर की एक रिपोर्ट के अनुसार, RTI के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में दिल्ली पुलिस की अलग-अलग इकाइयों ने परस्पर विरोधी सूचनाएं दी हैं। दिल्ली पुलिस की सुरक्षा इकाई ने जैमर की तैनाती और इस्तेमाल से संबंधित जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। इकाई ने अपने जवाब में कहा कि यह जानकारी “अत्यंत गोपनीय” है और वीवीआईपी सुरक्षा हितों से जुड़ी हुई है। सुरक्षा इकाई ने यह भी नहीं बताया कि किन अधिकारियों को जैमर चालू करने की अनुमति है और इन उपकरणों का कितनी बार इस्तेमाल किया गया।
रिपोर्ट में जंतर-मंतर पर हाल के छात्र प्रदर्शनों के दौरान मोबाइल नेटवर्क बाधित होने की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। 20 और 22 जुलाई को मध्य दिल्ली में मोबाइल नेटवर्क बाधित होने की खबरें सामने आई थीं। उस दौरान गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर के लगभग डेढ़ किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित की थीं। इसके अलावा 9 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर गृह मंत्रालय ने मध्य दिल्ली के चार किलोमीटर के दायरे में 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित की थीं।
























