भारत और कनाडा के विदेश मंत्रियों ने की मुलाकात, होरमुज़ संकट और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा
वार्ता में मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा हुई, जहां जारी संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है।
भारत और कनाडा के विदेश मंत्रियों ने मध्य पूर्व में जारी संकट और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर व्यापक चर्चा की। सुब्रह्मण्यम जयशंकर और अनीता आनंद की यह मुलाकात फ्रांस में आयोजित जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई।
दोनों नेताओं ने व्यापार, कृषि, शिक्षा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यह बैठक इस साल की शुरुआत में कनाडा के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के बाद पहली उच्च-स्तरीय बातचीत थी।
वार्ता में मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा हुई, जहां जारी संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है। दोनों पक्षों ने हालात पर करीबी नजर बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया।
दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इससे पहले भारत और कनाडा के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई बैठकों में ऊर्जा, तकनीक और प्रतिभा सहयोग जैसे क्षेत्रों में संबंधों को नई दिशा देने पर सहमति बनी थी।
मोदी और कार्नी ने नवंबर में जी20 बैठक के दौरान एक व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई थी, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 50 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
2018 से ओंटारियो और भारत के बीच व्यापार में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें एचसीएल, पेटीएम और टाटा कंसल्टेंसी जैसी भारतीय कंपनियों ने अपनी मजबूत उपस्थिति स्थापित की है।