भारत ने रूस से 238 मिलियन डॉलर का अनुबंध करके श्टिल वायु रक्षा प्रणाली खरीदी।
यह अनुबंध भारत और रूस के बीच स्थायी और मजबूत रक्षा साझेदारी को और भी उजागर करता है।
भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत ने रूस के साथ ऊर्ध्वाधर प्रक्षेपण मिसाइलों से लैस श्तिल वायु रक्षा प्रणालियों की खरीद के लिए 238 मिलियन डॉलर से अधिक के अनुबंध पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की है। रूस की रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ अंतिम रूप दिए गए इस समझौते में लगभग 21.8 बिलियन भारतीय रुपये (238.5 मिलियन डॉलर) की लागत से श्तिल मिसाइल प्रणाली की खरीद शामिल है।
इस रणनीतिक अधिग्रहण का उद्देश्य भारतीय नौसेना की वायु रक्षा क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करना है, जिससे युद्धपोतों को हवाई खतरों की एक विस्तृत श्रृंखला से बेहतर सुरक्षा मिलेगी।
मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि ये मिसाइल प्रणालियाँ नौसैनिक प्लेटफार्मों पर भारत की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करेंगी, जिससे सभी मौसम स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया समय और परिचालन प्रभावशीलता सुनिश्चित होगी।
श्तिल एक जहाज-आधारित सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एसएएम) प्रणाली है जिसे नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाने वाले विमानों, हेलीकॉप्टरों, जहाज-रोधी मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है।