पाकिस्तानी सेना ने गुरुवार को दावा किया कि सुरक्षा बलों ने अफगानिस्तान की ओर से पाकिस्तान में घुसपैठ की कोशिश कर रहे 15 उग्रवादियों को मार गिराया।
सेना की ओर से जारी बयान के अनुसार, ये उग्रवादी पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर उत्तरी वजीरिस्तान कबायली जिले के सामने वाले क्षेत्र से घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।
पाकिस्तानी सेना ने मारे गए लोगों को “भारतीय प्रायोजित फितना अल-खवारिज” से जुड़ा बताया। इस्लामाबाद यह शब्द तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी के लिए इस्तेमाल करता है।
बयान में कहा गया कि सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की कोशिश को समय रहते पकड़ लिया और “सटीक तथा कुशल कार्रवाई” में 15 उग्रवादियों को मार गिराया।
पाकिस्तानी सेना ने इस घटना को अफगान तालिबान सरकार की “नाकामी” का एक और उदाहरण बताया। बयान में आरोप लगाया गया कि अफगान धरती का इस्तेमाल सीमा-पार आतंकवाद के लिए किया जा रहा है और अफगान तालिबान प्रशासन इसे रोकने में विफल रहा है।
सेना ने कहा कि अफगान तालिबान सरकार प्रभावी सीमा प्रबंधन सुनिश्चित करने और अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को निभाने में लगातार नाकाम रही है।
पाकिस्तान में हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों पर हमलों में वृद्धि देखी गई है। इस्लामाबाद इन हमलों के लिए भारत और अफगानिस्तान पर उग्रवादियों को संरक्षण देने का आरोप लगाता रहा है।
हालांकि, नई दिल्ली और काबुल दोनों इन आरोपों से इनकार करते हैं। पाकिस्तान के ताजा आरोपों पर दोनों देशों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



















