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भारत-कनाडा सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमत, खुफिया जानकारी साझा करने के नए समझौते पर शुरू होगी बातचीत
मोदी और कार्नी ने व्यापक रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने के संभावित तरीकों पर भी चर्चा की।
भारत-कनाडा सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमत, खुफिया जानकारी साझा करने के नए समझौते पर शुरू होगी बातचीत
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करते हुए।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए एक नए सुरक्षा सूचना-साझाकरण समझौते पर बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई।

दोनों नेताओं के बीच यह बैठक फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर हुई।

कार्नी के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-कनाडा संबंधों में आई सकारात्मक गति का स्वागत किया और मार्च में कार्नी की भारत यात्रा के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की।

बयान में कहा गया, ‘‘रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने के लिए दोनों प्रधानमंत्रियों ने जनरल सिक्योरिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन एग्रीमेंट यानी जीएसओआईए पर वार्ता शुरू करने पर सहमति जताई।’’

यह प्रस्तावित समझौता दोनों देशों के बीच संवेदनशील और गोपनीय सुरक्षा सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक औपचारिक ढांचा तैयार कर सकता है।

दोनों नेताओं ने भारत और कनाडा के रक्षा संस्थानों के बीच हाल में हुए संपर्कों का भी स्वागत किया। इनमें भारत के नेशनल डिफेंस कॉलेज के एक प्रतिनिधिमंडल की कनाडा यात्रा शामिल है।

मोदी और कार्नी ने व्यापक रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने के संभावित तरीकों पर भी चर्चा की।

दोनों नेताओं ने भविष्य केंद्रित रणनीतिक साझेदारी विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि भारत तथा कनाडा की अर्थव्यवस्थाओं में कई पूरक क्षमताएं मौजूद हैं।

बैठक में मजबूत और भरोसेमंद आपूर्ति शृंखलाओं की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने कहा कि ऐसी आपूर्ति शृंखलाएं वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की। इसमें तरलीकृत प्राकृतिक गैस, तरलीकृत पेट्रोलियम गैस और धातुकर्म में इस्तेमाल होने वाले कोयले से जुड़े व्यावसायिक समझौते शामिल हैं।

मोदी और कार्नी ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी सीईपीए पर चल रही वार्ता की प्रगति पर संतोष जताया।

दोनों नेताओं ने 2026 के भीतर वार्ता पूरी करने के साझा लक्ष्य की पुष्टि की।

उन्होंने दोनों सरकारों के बीच बढ़ते संस्थागत संपर्कों का भी स्वागत किया। इनमें संयुक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग समिति और वाणिज्य दूतावास संवाद की हालिया बैठकें शामिल हैं।

दोनों पक्षों ने रक्षा, वित्त और प्रवासन से जुड़े विषयों पर आगामी वार्ताओं को भी महत्वपूर्ण बताया।

स्रोत:AA
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