भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सीमा क्षेत्रों की स्थिति का असर व्यापक भारत-चीन संबंधों पर पड़ता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने द्विसाप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत ने द्विपक्षीय बातचीत में हमेशा यह स्पष्ट किया है कि चीनी सैनिकों का भारतीय क्षेत्रों में प्रवेश सबसे गंभीर मुद्दों में से एक है।
जायसवाल ने कहा कि सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत-चीन संबंधों के लिए जरूरी आधार है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों की स्थिति दोनों देशों के व्यापक संबंधों में दिखाई देती है।
विदेश मंत्रालय का बयान चीनी घुसपैठ से जुड़ी रिपोर्टों के बीच आया है।
इस दौरान भारत ने अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को उनके मानक नामों से पहचानने पर चीन की आलोचना को भी खारिज किया।
नई दिल्ली का कहना है की अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। भारत का कहना रहा है कि चीन द्वारा स्थानों के नाम बदलने या भारतीय नामों पर आपत्ति जताने से वास्तविकता नहीं बदलती।



















