सामाजिक कार्यकर्ता और जलवायु एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने बुधवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार यह स्पष्ट आश्वासन देती है कि परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं पर कोई दंडात्मक या बदले की कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो वह अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर देंगे।
वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह को लिखे पत्र में यह शर्त रखी। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं को किसी तरह की पुलिस, प्रशासनिक या कानूनी प्रताड़ना का सामना नहीं करना चाहिए।
वांगचुक ने यह भी कहा कि नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उन्हें पहले ही आश्वासन दिया है कि सरकार उनकी दो अन्य प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी।
वांगचुक परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टरों और समर्थकों ने चिंता जताई है।
दिल्ली में 20 जुलाई को CJP के नेतृत्व में संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई थीं। इसके बाद कई छात्रों और युवाओं पर कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।
वांगचुक ने कहा कि आंदोलन में शामिल युवाओं का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने केंद्र से अपील की कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाए।






















