भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि होरमुज़ में किसी भी तरह की बाधा “अस्वीकार्य” है और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है।
संसद में संबोधन के दौरान मोदी ने मध्य पूर्व की स्थिति को “चिंताजनक” बताते हुए कहा कि जारी संघर्ष का प्रभाव केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर में लोगों के जीवन और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की बड़ी मात्रा में तेल, गैस और उर्वरक आयात इस जलमार्ग से होकर गुजरते हैं, ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट देश के लिए चुनौतीपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि संघर्ष के बाद से जहाजों की आवाजाही कठिन हो गई है, लेकिन सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति पर बड़ा असर न पड़े।
मोदी ने कहा कि सरकार का ध्यान इस बात पर है कि आवश्यक वस्तुओं जैसे तेल, गैस और उर्वरक को लेकर आने वाले जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंच सकें।
उन्होंने चेतावनी दी कि गर्मी के मौसम के साथ बिजली की मांग बढ़ना एक अतिरिक्त चुनौती बन सकता है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक परिस्थितियां अस्थिर हैं।
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद से मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।










