भारत ने लाल सागर के बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी के होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी को लेकर “गहरी चिंता” जताई है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव, हूती हमलों और ओमान तट के पास भारतीय नाविकों वाले जहाज पर हमले को लेकर भारत स्थिति पर नजर रखे हुए है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लाल सागर क्षेत्र से तेल आपूर्ति फिलहाल प्रभावित नहीं हुई है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब हूती समूह ने सऊदी शहरों पर हमले तेज किए हैं और रविवार को ओमान तट के पास एक जहाज को निशाना बनाया गया, जिस पर 14 भारतीय नाविक सवार थे।
सरकार के अनुसार, ओमान लापता भारतीय नाविक की तलाश में मदद कर रहा है। भारत ने पहले बताया था कि जहाज पर हमले के बाद 13 भारतीय क्रू सदस्यों को बचा लिया गया, जबकि एक नाविक अब भी लापता है।
लाल सागर क्षेत्र की स्थिति पर रविवार को BRICS शिखर सम्मेलन से इतर विदेश मंत्री एस. जयशंकर और सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद के बीच भी चर्चा हुई।
सऊदी अरब में 24 लाख से अधिक भारतीय रहते और काम करते हैं। हूती हमलों के बीच अभा, जेद्दा, जजान, ताइफ, यनबू, मक्का और अलऊला सहित कई सऊदी शहर अलर्ट पर हैं।
हूती हमलों के जवाब में सऊदी बलों ने यमन में दर्जनों मिसाइल हमले किए हैं।
भारत ने क्षेत्रीय तनाव कम करने, समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से सुरक्षित व स्वतंत्र आवाजाही बहाल करने पर जोर दिया है।



















