प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने क्रिसमस के दौरान भारत के ईसाई समुदाय के खिलाफ हिंसा और धमकियों में आई "खतरनाक वृद्धि" पर "गहरा दुख" व्यक्त किया। श्री वेणुगोपाल के अनुसार, ये हमले संविधान द्वारा प्रदत्त समानता और धार्मिक स्वतंत्रता पर "खुल्लम-खुल्ला हमला" हैं।
श्री वेणुगोपाल ने अपने पत्र में केरल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में हुए अनेक मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दक्षिणपंथी दंगाइयों ने श्रद्धालुओं को परेशान किया, चर्चों पर हमला किया और क्रिसमस के उत्सवों में बाधा डाली।
जिन घटनाओं पर प्रकाश डाला गया उनमें दिल्ली के लाजपत नगर में सांता क्लॉज़ की टोपी पहने महिलाओं और बच्चों पर मौखिक हमले, छत्तीसगढ़ के कांकेर गांव में चर्चों और ईसाई घरों पर हमले, और रायपुर के मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ शामिल हैं, जहां क्रिसमस की सजावट को नष्ट कर दिया गया था।
मध्य प्रदेश में, जबलपुर में श्रवण-बाधित और दृष्टिबाधित बच्चों की एक प्रार्थना सभा पर कथित तौर पर भीड़ ने हमला किया, जबकि उत्तर प्रदेश में, गाजियाबाद में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रार्थना सभा में बाधा डाली गई।
वेणुगोपाल ने केरल के पलक्कड़ में कैरल जुलूस में भाग ले रहे बच्चों पर हुए हमले की ओर भी इशारा किया।
वेणुगोपाल ने लिखा, "ये छिटपुट घटनाएं नहीं हैं, बल्कि भारत के मूल विचार पर धब्बा हैं।" उन्होंने सरकार पर "चुप्पी" बरतने का आरोप लगाया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि यह नफरत फैलाने वालों को बढ़ावा देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आगे की हिंसा को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए "तत्काल और निर्णायक कार्रवाई" करने का आग्रह किया कि नागरिक बिना किसी डर के अपने धर्म का पालन कर सकें।




















