भारतीय नौसेना का पोत INS निरीक्षक श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पर परिचालन और प्रशिक्षण यात्रा के लिए पहुंचा है। इस दौरे का उद्देश्य भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना और नौसैनिक समन्वय को बढ़ाना है।
श्रीलंकाई नौसेना ने पारंपरिक नौसैनिक रीति-रिवाजों के तहत पोत का औपचारिक स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान विशेष गोताखोरी अभ्यास, मानवीय सहायता और रक्षा सहयोग से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती सामरिक साझेदारी को दर्शाती हैं।
INS निरीक्षक भारतीय नौसेना का एक विशेष गोताखोरी सहायता और पनडुब्बी बचाव पोत है। यह पानी के भीतर अभियान, बचाव कार्य, पनडुब्बी राहत सहायता और विशेष नौसैनिक गोताखोरी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कमांडर शैलेश कुमार त्यागी के नेतृत्व में यह पोत फिलहाल श्रीलंका में श्रीलंकाई नौसेना के गोताखोरी विशेषज्ञों के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है। इस मिशन का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच तकनीकी समन्वय और परिचालन तैयारी को बेहतर बनाना है।
यह पोत 21 अप्रैल से 27 अप्रैल तक आयोजित होने वाले चौथे भारत-श्रीलंका संयुक्त गोताखोरी अभ्यास में भी हिस्सा ले रहा है। इस द्विपक्षीय अभ्यास में दोनों देशों की नौसेनाओं की गोताखोरी टीमें विशेष जल-आधारित अभियानों और पेशेवर प्रशिक्षण में भाग लेंगी।
इस अभ्यास का उद्देश्य आपसी तालमेल बढ़ाना, टीमवर्क को मजबूत करना और बचाव तथा गोताखोरी अभियानों में सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करना है। ऐसे अभ्यास आपदा प्रबंधन, समुद्री बचाव मिशन और पानी के भीतर सुरक्षा अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
मानवीय सहायता के तहत भारत “आरोग्य मैत्री” पहल के अंतर्गत श्रीलंका को दो चिकित्सा सहायता इकाइयां भी सौंपेगा। ये पोर्टेबल चिकित्सा इकाइयां आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में तेज स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने के लिए तैयार की गई हैं।
















