कांग्रेस ने रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को “अनुचित” बताया है। पार्टी ने कहा कि इस कदम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और पूर्व केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा तथा कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने रविवार को अलग-अलग बयानों में केंद्र सरकार को अमेरिका के दबाव के आगे “झुकने” से बचने की सलाह दी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए सस्ती ऊर्जा सुनिश्चित करना सरकार का संप्रभु दायित्व है।
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भारत एक संप्रभु गणराज्य है और उसे अपने राष्ट्रीय हितों तथा लोगों की वहन क्षमता के अनुसार किसी भी देश से ऊर्जा खरीदने का अधिकार है।
कांग्रेस ने ट्रंप के फैसले को भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक बताया। पार्टी का कहना है कि रूस से तेल खरीद पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की धमकी न केवल भारत-अमेरिका संबंधों को प्रभावित कर सकती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भी अस्थिरता बढ़ा सकती है।
पार्टी नेताओं ने मोदी सरकार पर वॉशिंगटन के सामने “पूर्ण समर्पण” करने का आरोप लगाया और कहा कि भारत को अपनी स्वतंत्र विदेश और आर्थिक नीति पर कायम रहना चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि अमेरिका का यह रुख उसकी “दोहरी नीति” को उजागर करता है, क्योंकि ऊर्जा व्यापार और प्रतिबंधों के मुद्दे पर अलग-अलग देशों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जा रहा है।
ट्रंप प्रशासन का यह कदम उन देशों को निशाना बना सकता है जो रूस से तेल और ऊर्जा खरीद जारी रखे हुए हैं। भारत रूस से रियायती दरों पर तेल खरीदता रहा है, जिसे सरकार ऊर्जा सुरक्षा और उपभोक्ता हितों से जुड़ा मामला बताती रही है।


















