चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि भारत और चीन के नेताओं के बीच यह “महत्वपूर्ण सहमति” बनी है कि दोनों देशों को साझेदार होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद दोनों देश संबंधों को “बिना ठहराव या पीछे लौटे” आगे बढ़ाएंगे।
वांग यी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने नई दिल्ली गए थे। चीनी सरकारी मीडिया को वार्ता की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने रणनीतिक, दीर्घकालिक और दिशा तय करने वाले मुद्दों पर स्पष्ट और गहन बातचीत की।
वांग के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच यह सबसे महत्वपूर्ण सहमति बनी कि चीन और भारत को एक-दूसरे का साझेदार होना चाहिए।
शी जिनपिंग का हवाला देते हुए वांग यी ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन में चीन-भारत संबंध धीरे-धीरे निचले स्तर से बाहर आए हैं और “रीस्टार्ट” से आगे बढ़कर “नई ऊंचाई” की ओर बढ़ रहे हैं।
चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि अब दोनों देशों के लिए संबंधों को आगे ले जाने का समय है, ताकि उनमें ठहराव या फिर से गिरावट न आए।
भारत और चीन के संबंध 2020 में लद्दाख में सैन्य टकराव के बाद गंभीर तनाव में आ गए थे। हाल के वर्षों में दोनों देशों ने सैन्य और कूटनीतिक बातचीत के जरिए संबंधों को स्थिर करने की कोशिश की है।
नई दिल्ली में हुई मोदी-शी मुलाकात को सीमा तनाव के बाद दोनों देशों के संबंधों में सुधार की दिशा में अहम कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है।



















