बांग्लादेश ने भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है। हसीना 2024 में सत्ता से हटाए जाने के बाद भारत में शरण लिए हुए हैं।
यह मुद्दा सोमवार, 10 अगस्त 2026 को उस समय चर्चा में आया, जब बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की।
ढाका में हुई यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के संबंधों में तनाव देखा जा रहा है। हाल ही में 5 अगस्त को शेख हसीना ने भारत से एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने तारिक रहमान सरकार की आलोचना की थी।
बैठक के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा कि प्रधानमंत्री रहमान और भारतीय उच्चायुक्त त्रिवेदी के बीच हुई बातचीत के बाद वे “कुछ हद तक आश्वस्त” महसूस कर रहे हैं।
बांग्लादेश की ओर से भारत से कहा गया है कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण के मामले को जल्द आगे बढ़ाया जाए।
हसीना के भारत में रहने और वहां से राजनीतिक बयान देने को लेकर ढाका पहले भी आपत्ति जता चुका है। बांग्लादेश का कहना है कि भारत को अपनी भूमि का इस्तेमाल बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति को प्रभावित करने के लिए नहीं होने देना चाहिए।
पिछले शुक्रवार को भारत सरकार ने नई दिल्ली में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस से फिर खुद को अलग कर था और कहा था कि इस कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और बांग्लादेश सरकार के खिलाफ कही गई किसी भी बात का वह समर्थन नहीं करती है।






















