राजनीति
2 मिनट पढ़ने के लिए
गाज़ा पर सरकार की चुप्पी ‘नैतिक कायरता’: जयराम रमेश
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री गाज़ा में इज़राइल द्वारा जारी “नरसंहार” और लेबनान पर भारी बमबारी पर पूरी तरह मौन हैं।
गाज़ा पर सरकार की चुप्पी ‘नैतिक कायरता’: जयराम रमेश
FILE: कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश। X/ANI

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गाज़ा युद्ध को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए उस पर भारत की पारंपरिक नीतियों और मानवीय मूल्यों से समझौता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गाज़ा और लेबनान में जारी संघर्ष पर प्रधानमंत्री की चुप्पी “नैतिक कायरता” को दर्शाती है।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री गाज़ा में इज़राइल द्वारा जारी “नरसंहार” और लेबनान पर भारी बमबारी पर पूरी तरह मौन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कब्जे वाले वेस्ट बैंक में लाखों फ़िलिस्तीनियों के विस्थापन और बेदखली पर भी सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

उन्होंने लिखा, “किसी भी सरकार ने इज़राइल की हिंसक नीतियों के प्रति उतनी एकजुटता नहीं दिखाई, जितनी मोदी सरकार ने दिखाई है। यह सरकार पारंपरिक भारतीय सिद्धांतों और विदेश नीति की पुरानी स्थिति के साथ-साथ मानवीय मूल्यों से भी विमुख हो गई है।”

इसी दिन भारत स्थित फ़िलिस्तीन दूतावास ने संयुक्त राष्ट्र महिला (UN Women) की हालिया रिपोर्ट ‘द कॉस्ट ऑफ वॉर इन गाज़ा ऑन वीमेन एंड गर्ल्स’ का हवाला देते हुए फ़िलिस्तीनी महिलाओं और लड़कियों पर युद्ध के गंभीर असर को रेखांकित किया।

दूतावास ने कहा कि गाज़ा में मारे गए लोगों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं, जबकि लगभग 10 लाख महिलाएं और लड़कियां जबरन विस्थापित हुई हैं। इनमें से कई को कई बार असुरक्षित परिस्थितियों में अपना ठिकाना बदलना पड़ा है और उन्हें पर्याप्त आश्रय तथा बुनियादी सेवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।

बयान में गाज़ा की स्वास्थ्य व्यवस्था के लगभग ध्वस्त हो जाने पर भी चिंता जताई गई। दूतावास के अनुसार, गाज़ा में करीब 50,000 गर्भवती महिलाएं हैं और हर दिन 180 से अधिक प्रसव हो रहे हैं, जो बेहद असुरक्षित और अस्वच्छ परिस्थितियों में बिना पर्याप्त मातृ देखभाल के हो रहे हैं।

दूतावास ने यह भी कहा कि गाज़ा की 90 प्रतिशत से अधिक आबादी गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रही है, जिसमें महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं। साथ ही, स्वच्छ पानी और स्वच्छता सेवाओं तक पहुंच भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।

स्रोत:Others
खोजें
SCO बैठक के लिए भारत ने वरिष्ठ MEA अधिकारी को पाकिस्तान भेजा
जापान ने UNICORN नौसैनिक रडार समझौते पर भारत से प्रक्रिया तेज करने को कहा
जयशंकर बोले भारत की आतंकवाद संबंधी चिंताओं को नजरअंदाज करने से रिश्तों पर असर पड़ेगा
दिसंबर से दिल्ली-तेल अवीव के बीच फिर उड़ानें शुरू कर सकती है एयर इंडिया
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के गोल्डन टेंपल दौरे के दौरान ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे
भारत-कजाकिस्तान का संयुक्त आतंकवाद-रोधी सैन्य अभ्यास KAZIND शुरू
जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रस्ताव का समर्थन किया
अफगानिस्तान पर आकलन में पाकिस्तान के अनुभव को शामिल किया जाए: आसिम मुनीर
उत्तरी भारत में भारी बारिश और बाढ़ से दर्जनों की मौत
पाकिस्तान का पहला अंतरिक्ष यात्री इतिहास रचने के लिए अंतरिक्ष की तैयारी कर रहा है
पाकिस्तान का कहना है उसने बलूचिस्तान में 'भारत-समर्थित आतंकवादियों' को मार गिराया
जोहरान ममदानी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आरोपों पर पलटवार किया
न्यूकैसल यूनिवर्सिटी में अनंत अंबानी की प्रोफेसर नियुक्ति पर विवाद
स्वायत्तता की मांग को लेकर लद्दाख में बंद, पिछले साल मारे गए प्रदर्शनकारियों को याद किया गया
मक्का रक्षा संधि मंत्रियों ने सऊदी अरब का समर्थन करने के लिए आपातकालीन बैठक पर चर्चा की