एक दिन में आग लगने की कई त्रासदियां, 17 लोगों की जान चली गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने इन घटनाओं पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की।
भारत के कई शहरों में बुधवार को लगी भीषण आग की घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कई बच्चे शामिल हैं। दिल्ली और इंदौर में जानलेवा हादसों के साथ-साथ अहमदाबाद और चंडीगढ़ के व्यस्त बाजारों में भी आग लगने से व्यापक नुकसान हुआ।
राष्ट्रीय राजधानी के पालम इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में लगी आग में एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं।
आग सुबह के समय एक रिहायशी–व्यावसायिक इमारत में लगी, जहां नीचे की मंजिलों पर कपड़े और कॉस्मेटिक की दुकानें थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई।
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक घर के बाहर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के दौरान हुए विस्फोट के बाद आग लग गई, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई।
जांच में यह भी सामने आया कि घर में कई एलपीजी सिलेंडर मौजूद थे, जिनमें विस्फोट होने से आग और भड़क गई।
गुजरात के अहमदाबाद में एक थोक कपड़ा बाजार में आग लगने से 25 से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गईं, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ।
वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर-22 स्थित व्यस्त बाजार में एक दुकान से शुरू हुई आग आसपास की दुकानों तक फैल गई। दमकल विभाग ने कई गाड़ियों के साथ आग बुझाने का अभियान चलाया।
इन घटनाओं ने शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारी को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इन घटनाओं पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की।
दिल्ली प्रशासन ने व्यापक फायर ऑडिट के आदेश दिए हैं, जबकि राज्य सरकारों ने हादसों की जांच के लिए समितियां गठित की हैं। इंदौर घटना के बाद इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग से जुड़े सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जा रही है।